अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए नियुक्त ट्रस्ट के एक कर्मचारी ने ड्यूटी का आदेश जारी होते ही इस्तीफा दे दिया। विजय पाठक ने गुरुवार को राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को व्हाट्सएप के जरिए अपना इस्तीफा भेजा। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से उन्हें इस्तीफा ईमेल के माध्यम से भेजने और मंदिर पहुंचकर प्रवेश पत्र समेत अन्य जरूरी सामान जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नियुक्ति के साथ ही दे दिया इस्तीफा
जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने गुरुवार को चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए दो कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। इनमें अमित कुमार ने अपना कार्यभार संभाल लिया, जबकि विजय पाठक ने नियुक्ति का आदेश मिलते ही इस्तीफा दे दिया। व्हाट्सएप पर इस्तीफा मिलने के बाद उन्हें इसे औपचारिक रूप से ईमेल के जरिए भेजने को कहा गया है।
छह कर्मचारियों में चार ने संभाला कार्यभार
चढ़ावे की गणना की निगरानी के लिए ट्रस्ट की ओर से कुल छह कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इनमें से अब चार कर्मचारी कार्यभार संभाल चुके हैं। एक कर्मचारी ने अभी तक आदेश का पालन नहीं किया है, जबकि विजय पाठक ने इस्तीफा दे दिया है। चढ़ावा चोरी की घटना और इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों में भी डर का माहौल बताया जा रहा है।
पहले रिटायर्ड फौजियों से ली गई थी सेवा
मामले को लेकर देशभर में चर्चा होने के बाद कई कर्मचारी गणना स्थल के आसपास ड्यूटी करने से भी हिचक रहे थे। शुरुआती दिनों में कर्मचारियों की जगह सेवानिवृत्त सैनिकों से सेवा ली गई थी। फिलहाल बैंक प्रबंधन ने चढ़ावे की गणना से जुड़ी पूरी व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है।
बैंक और ट्रस्ट के बीच एसओपी के मुताबिक थी व्यवस्था
एसबीआई और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए अनुबंध और तैयार की गई एसओपी के मुताबिक चढ़ावे की गणना से जुड़ी व्यवस्था बैंक प्रबंधन के जिम्मे थी। हालांकि, खबर के मुताबिक बैंक और ट्रस्ट दोनों की ओर से एसओपी के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट के साथ-साथ संघ परिवार और केंद्र व प्रदेश सरकारों पर भी सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है।
निगरानी ड्यूटी से दूरी पर नोटिस
मामले की जांच के बीच कर्मचारियों के निगरानी ड्यूटी पर जाने से इनकार करने को लेकर भी ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई की जा रही है। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की ओर से कर्मचारियों को सवाल-जवाब के लिए नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
राम मंदिर में कई एजेंसियां कर रहीं काम
राम मंदिर में सफाई, सीवरेज और ड्रेनेज समेत अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए करीब एक दर्जन एजेंसियां काम कर रही हैं। इनमें बड़ी कंपनियों के साथ छोटी कंपनियां भी शामिल हैं। मेसर्स शंकर इलेक्ट्रिकल्स बेंगलुरु के कर्मचारी नियमित वेतन पा रहे हैं। कंपनी पहले अपने संसाधनों से कर्मचारियों को भुगतान करती है और बाद में ट्रस्ट से भुगतान प्राप्त करती है।
वहीं, कुछ अन्य कंपनियां सीआर फंड से कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था करती हैं और ट्रस्ट से भुगतान मिलने में देरी होती है। सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही बीवीजी पर कर्मचारियों के अप्रैल, मई, जून और जुलाई के वेतन बकाया होने की बात भी सामने आई है।
